Volume 1 Issue I
Article Information
Journal: Abhisaron
Volume: 1 | Issue: I | Year: 2026
Pages: 63–68
Received: 10 January 2026
Accepted: 20 January 2026
Published: 25 January 2026
मन्नू भंडारी की कहानियों में मूल्य बोध
Rakesh Kumar Choubey
आलेख सार: (Abstract)
मूल्य का अर्थ समाज में भिन्न भिन्न रूपों में लिया जाता है, चाहे वह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक या धार्मिक ही क्यों न हो, परंतु बात जब साहित्य की आती है तो, यहां मूल्य अपनी सार्थकता को यथार्थ और आदर्श मे परिवर्तित कर देती हैं, जिस प्रकार मैं अपने आलेख में हिन्दी साहित्य की नामचीन लेखिका मन्नू भंडारी की कहानियों में मूल्य बोध को प्रस्तुत कर पाऊं। इनकी कहानियों में परिवार और समाज से जुड़ी हर मूल्यों को प्रस्तुत किया गया है, चाहे वह उनकी अपना दाम्पत्य जीवन ही क्यों न हो, साहित्य समाज का दर्पण होता है, इसी दर्पण को मन्नू भंडारी ने आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत की है।
Keywords: मूल्य, राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, मन्नू भंडारी, कहानियों
